राम सरूप अणखी
अणखी ने अपने उपन्यासों में ग्रामीण जीवन और किसानी का हूबहू चित्रण किया – सुखदेव सिंह मान
बरनाला (पंजाब)। राम सरूप अणखी साहित्य सभा धौला और श्री गुरू तेग़ बहादुर क्लब के सहयोग से प्रधान बेअंत सिंह बाजवा के नेतृत्व में शिरोमणी उपन्यासकार राम सरूप अणखी की बरसी के मौके पर एक साहित्यिक कार्यक्रम पंचायत भवन धौला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपन्यासकार सुखदेव सिंह मान मौजूद रहे। इस मौके पर उपस्थित साहित्यकारों और गांव वासियों को संबोधित करते हुए सुखदेव सिंह मान ने कहा कि राम सरूप अणखी ने अपने उपन्यासों और कहानियों के द्वारा ग्रामीण लोगों के जीवन और किसानो की दुर्दशा का प्रसिद्धि चित्रण किया है। वह बेबाक होकर अपनी एक अलग शैली में लिखते थे और नये लेखकों को लिखने के लिए उत्साहित करते थे। जिसकी वजह से पंजाबी साहित्य में अनेकों कहानीकार और उपन्यासकार पैदा हुए।
लेखक दर्शन जोगा, कहानीकार गुरमीत कुड़्यालवी, कहानीकार जसपाल मानखेड़ा,
गीतकार वचन बेदिल, गुरिन्दरजीत गैरी एफएम लुधियाना, गीतकार बूटा सिंह चौहान, कुमार जगदेव सिंह बराड़, कहानीकार भोला सिंह संघेड़ा, गीतकार गुरचेत फत्तेवालिया, गीतकार मनप्रीत टिवाना, भुपिन्दर बेदी, परमजीत मान, सरपंच शिवराज सिंह ढिल्लों आदि ने भी अणखी की लेखनी और उनके साथ जुड़ी यादों को मंच से सांझा किया। इस दौरान अणखी के किसानों से सम्बंधित तीन उपन्यासों का संग्रह,जिनको उनके सुपुत्र प्रो. क्रांति पाल ने संग्रहीत किया है का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा लेखक वरिन्दरजीत कौर सिंमी की किताब “बाबा शेख फ़रीद” और ोकार सिद्धू की किताब “स्कूटरों वाले सरदार” का भी लोकार्पण किया गया।
लेखक वरिन्दरजीत कौर की किताब “बाबा शेख फ़रीद” पर गुरसेवक सिंह धौला और “स्कूटरों वाले सरदार” पर सतनाम सिंह मुसाफिर की तरफ से पर्चा पढ़ा गया। पंजाबी साहित्यिक अकादमी दिल्ली के मैंबर वचन बेदिल ने अगले वर्ष अणखी की बरसी साहित्यिक अकादमी दिल्ली के सहयोग से मनाने का ऐलान किया। कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने भी अपनी रचनाएं पेश की।
कार्यक्रम में मुख्यअतिथि सुखदेव मान, गुरिन्दरजीत गैरी और प्रधान राजिन्दर सिंह धालीवाल का विशेष सम्मान किया गया। इस मौके पर डा. अमनदीप सिंह टल्लेवालिया,प्रिं. हरबंस बरनाला, सरपंच तरसेम सिंह, समरजीत सिंह, पूर्व सरपंच बलवीर सिंह, चेयरमैन कुलविन्दर धौला, अमनदीप सिंह, कुलदीप सिंह धालीवाल, लखविन्दर, सुरजीत, अमनदीप धालीवाल, गुरप्रीत भट्टी, नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा अणखी जी के अनेक प्रशंसक उपस्थित रहे।